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रविवार, 6 मई 2012

'सत्यमेव जयते'


आमिर खान के कार्यक्रम 'सत्यमेव जयते' को देखकर काफी संतुष्टि मिली. कन्या भ्रूण-हत्या पर आधारित यह कार्यक्रम विभिन्न पक्षों को सामने लाता है. ऐसी पहल का स्वागत किया जाना चाहिए. टेलीविजन को बुद्धू-बक्सा  बनाये जाने की होड़ के विरुद्ध यह एक प्रभावी कदम है. अपने समकालीनों से आमिर काफी आगे खड़े दिखाई देते हैं. केवल मनोरंजन के नाम पर फूहड़ता और स्त्री की छवि बिगाडते कार्यक्रमों में स्त्री की जमीनी सचाई व त्रासदी से वाकिफ़ करवाना सराहनीय है. घरेलू हिंसा के विविध रूपों से भी हम रूबरू होते हैं. एक ओर माँ से पूछे बिना गर्भस्थ शिशु की हत्या करवा दी जाती है तो दूसरी ओर बच्चियां पैदा करने के अपराध के कारण औरत का चेहरा पति द्वारा बुरी तरह कुतर देने की भयावह स्थिति का सच सामने आता है, पढ़ी-लिखी तबके की स्त्री भी जुड़वाँ बच्चियों को जन्म देने के कारण पति का घर छोड़ने पर मजबूर होती है. हिंसा झेलती स्त्रियाँ, उनके विविध परिवेश के बावजूद एक समान कष्ट हैं. शोषण और उत्पीडन के अनेक शारीरिक, मानसिक रूपों के साथ, लगातार होती भ्रूण-हत्या के प्रभावों की भी चर्चा की गयी...मसलन, लड़कों का कुंवारा रह जाना, स्त्रियों की खरीद-फ़रोख्त, देह-व्यापार की समस्या. इसके चिकित्सकीय धन्धेखोरी को भी उजागर किया गया. जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं  द्वारा यह सच भी सामने आया कि  यह जघन्य अपराध उच्च वर्गों में ज्यादा है,निम्न वर्गों की बनिस्बत. आमिर ने आंकड़ों की उलझनों को आसान तरीके से रखकर समस्या की विकरालता को ठीक ढंग से रेखांकित भी किया.
मुझे इसका फॉर्मेट अच्छा लगा. केवल इतना कि यह बताया जाना भी जरुरी था कि 1):गर्भपात करवाना न केवल वैध है बल्कि यह स्त्री के व्यक्तिगत चुनाव और अधिकार का भी मसला  है. 2): भ्रूण-परिक्षण के खिलाफ बने कानून पी.सी.पी.एन.डी.टी. एक्ट (प्री कंसप्सन एंड प्री नेटल डैग्नोस्टिक टेक्निक एक्ट) के प्रति जागरूकता अनिवार्य है. टेलीविजन की पहुँच का इस्तेमाल 'जेंडर  सेंसिटाईजेसन' के साथ एक नागरिक के तौर पर स्त्री के अधिकार व उपलब्ध कानूनों की जानकारी को सुदूर क्षेत्रों तक पहुँचाने के लिए किया जा सकता है. अंत में, हम तहे दिल से आमिर के इस कार्यक्रम का स्वागत करते हैं... यह अच्छे कलेवर से सम्पन्न है. मेहनत  से इसे बनाया गया है. समय के साथ यह और भी महत्वपूर्ण पहलूओं के साथ उपस्थित होगा, यही कामना है.      

3 टिप्‍पणियां:

  1. हम सभी को मिलकर इस प्रयास का समर्थन करना चाहिए.... आलेख के द्वारा सन्देश का प्रसार करने के लिए आभार..
    सादर

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  2. मुझे भी अच्छा लगा यह कार्यक्रम...

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